Thursday, 11 April 2019

चुनाव और मतदान



चुनाव एक ऐसी प्रक्रिया होती है जिसमें एक आम आदमी अपनी सबसे बड़ी ताकत अपने मत का इस्तेमाल करके अपने भविष्य के 5 सालों की बेहतरी के लिए एक व्यक्ति का चयन करता है। परंतु आज के समय में लोग जिंदगी की भागदौड़ में इतने व्यस्त हो गए है कि वह मतदान करना भी जरूरी नहीं समझते।
लेकिन आज मैं आपको मतदान से जुड़ी कई ऐसी बाते बताने जा रहा हूं जिसे पढ़ने के बाद शायद आपका मन मतदान के लिए जरूर करेगा। दरअसल चुनाव हर 5 साल में होते है और कोई ना कोई पार्टी चुनाव जीतती है।
और हर चुनावों के बाद हम उस पार्टी और उनके नेताओं को कोसना शुरू कर देते है कि यह नेता बेकार है, हमारा प्रधामंत्री चोर है और भी कई ऐसी बाते लेकिन क्या आप जानते है कि एक गलत नेता और पार्टी को जीताने वाले आप ही लोग है।
दरअसल आप तो कह देते है कि मैं मतदान करने नहीं जाऊंगा और वैसे भी मेरे एक के वोट डालने ना डालने से क्या फर्क पड़ता है लेकिन चुनावों के समय अपने मन को समझाने के बजाए आप जरा इस बात पर भी विचार करें कि क्या पता आपके एक वोट ना डालने के चलते एक अच्छा और मेहनती नेता हार जाए।
अंत में मैं बस आप लोगों से यही गुजारिश करना चाहूंगा कि किसी के कहने या किसी नेता के चुनावी वादों के चुंगल में ना फंस कर आप अपने मत का सही प्रयोग करें क्योंकि आपको बहलाने वाला नेता अगर इतना ही अच्छा है और मेहनती है तो उसे आपके आगे वोट की भीख मांगने की क्या जरूरत।
विचार करें क्योंकि आपका एक वोट भी कर सकता है भारत के बेहतर भविष्य का फैसला।

Sunday, 7 April 2019

कौन है राहुल गांधी ?


अगर मैं आपसे राहुल गांधी के बारे में पुछु कि कौन है राहुल गांधी ? तो आप के मन मे सबसे पहले जो शब्द आएगा वो है पप्पू और अन्य कई ऐसे नाम जो एक व्यक्ति की हिम्मत तोड़ने के लिए काफी है परंतु इससे आगे आप राहुल गांधी की व्याख्या नहीं कर पाएंगे। अब आप सोच रहे होंगे कि आज मैं राहुल गांधी का मुद्दा क्यों लेकर आया हूं।
ताकि किसी गलत जानकारी के चलते आप अपने किमती वोट का इस्तेमाल किसी गलत व्यक्ति को जीताने के लिए ना करे। आज जो बाते में आपके समक्ष रखने जा रहा हूँ वो आपको बुरी तो लगेगी और शायद आप मुझे गाली भी दे।
लेकिन यह सच्चाई है और इसे जानना भी आपके लिए बेहद जरूरी है क्योंकि किसी व्यक्ति विशेष की जानकारी के बावजूद उसे गलत समझ लेना यह तो सही नहीं है ना दोस्तों।
आइए अब शुरू करते है आप इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को जानते ही होंगे अब आप सोच रहे होंगे कि हां भाई हम इन्हें भी जानते है और यह भी जानते है कि राहुल गांधी भी इन्ही के परिवार का हिस्सा है लेकिन क्या आप जरा यह विचार करे कि एक व्यक्ति जो देश के अमीर लोगों में पहले नंबर पर आता हो उसे सत्ता की गद्दी की क्या जरूरत।
जो व्यक्ति विश्व में कही भी जाकर रह सकता है और अपने पैसों से जिंदगी भर बिना किसी मेहनत के अपनी जिंदगी अराम से बीता सकता हो उसे राजनीति की क्या जरूरत। भारत में जिसकी दादी और पिता के नाम के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, सड़के और मार्ग हो उसे नाम कमाने की क्या जरूरत।
आप ही बताए कि जो व्यक्ति अपनी जिंदगी ऐस और अराम से काट सकता है उस व्यक्ति को गर्मी में धक्के खाने की क्या जरूरत। दरअसल राहुल गांधी वो शख्सियत है जो जीतने के लिए नहीं लड़ रहा बल्कि अपने पिता और दादी की पार्टी को बचाए रखने के लिए यह लड़ाई लड़ रहा है।
अब मैं अगर हमारे देश के प्रधानमंत्री की ही बात कर लू तो आप कहेंगे कि मोदी जी ने गरीबी देखी है वो तो चाय बेचते थे और उन्होंने तो देश सेवा के लिए शादी भी नहीं कि परंतु इन बातों को सुनकर मुझे कन्हेया कुमार के वो शब्द याद आ गए कि शादी तो गब्बर सिंह की भी नहीं हुई थी तो वो चोरी किसके लिए करता था।
अरे भाई शादी और बच्चे ना होना ईमानदारी का कोई सर्टिफिकेट थोड़ी है। तो अब जरा आप भी विचार करे और सोच समझकर अपने मत का इस्तेमाल करे और अंत में मैं धन्यवाद करना चाहूंगा मेरे बड़े भाई विशाल सिंह का जिन्होंने इस बात को आप लोगों के समक्ष लाने के लिए मुझे प्रेरित किया।
धन्यवाद




Tuesday, 1 January 2019

आप ही बताओ हम कैसे भूल जाए ?

  • वो कहते है हम विकास की लहर लाएंगे पर आप ही बताओ कि हम बदहाली से जूझ रहे अपने देश को कैसे भूल जाए ?
  • वो कहते है हम नाम बदलकर बदलाव लाएंगे पर हम उन्हें कैसे समझाएं कि नाम बदलने से कुछ नहीं होता बदलाव के लिए पहले सोच बदलनी जरूरी है बदलाव अपने आप आ जाएगा।
  • वो कहते है हम बुलट ट्रैन चलाएंगे पर आप ही बताओ हम चल रही ट्रेनों की बदहाली को कैसे भूल जाए ?
  • वो कहते है हम राम मंदिर बनाएंगे पर आप ही बताओ कि जो 4 साल में नहीं हो पाया वो बीते 6 महीने में कैसे कर पाओगे ?
  • वो कहते है हम किसानों के लिए नई स्कीम लाएंगे पर आप ही बताओ हम दिल्ली में हुई किसानों के साथ उस बदसलूकी को कैसे भूल जाए ?
  • वो कहते है हम गौ हत्या पर रोक लगाएंगे पर आप ही बताओ हम देश में हो रहे गऊ माता पर अत्याचारों को कैसे भूल जाए ?
  • वो कहते है हम घर-घर बिजली पहुंचाएंगे पर आप ही बताओ हम गांवों के उन अंधेरे में धंस रहे घरों को कैसे भूल जाए ?
  • वो कहते है हम काला धन वापस लाएंगे पर आप ही बताओं हम देश के हजारों करोड़ लेकर भाग गए माल्या और मोदी को कैसे भूल जाए ?
  • वो कहते है हम रेप की घटनाओं पर रोक लगाएंगे पर आप ही बताओ साहब हम दर्द से तड़पती अपनी लोडो की चिल्लाहट को कैसे भूल जाए ?
  • वो कहते है हम एक के बदले 10 सिर लाएंगे पर आप ही बताओ कि देश की सरहद पर लगातार पाकिस्तान की नापाक हरकतों के चलते शहीद हो रहे अपने जवानों की कुर्बानी को कैसे भूल जाए ?

Friday, 8 June 2018

मेरे देश को ना जाने हुआ क्या ?

अन्नदाता खाने को हो रहा परेशान, दलितों पर पड़ रही अत्याचारों की मार, लाडो हुई लाचार मेरे देश को ना जाने हुआ क्या ? पानी को तरस रहा इंसान महंगाई और भूख की पड़ रही है मार मेरे देश को ना जाने हुआ क्या ? आज देश का हाल देख दिल से निकली आवाज भाई भाई की जान लेने को तैयार, जातीवाद से देश में लग रही है आग मेरे देश को ना जाने हुआ क्या ?

आज जब मैं अपने देश का हाल बदहाल होते देख रहा हूं तो दिल में एक दर्द उमड़ रहा है, मेरी आत्मा रो रही है मेरा दिल जल रहा है लगता है कि अब मेरा वो पुराना भारत नहीं रहा, मेरा वो देश अब नहीं रहा जहां भाई भाई में प्यार हुआ करता था जहां हिंदू के त्योहार में और मुसलमानों की ईद में बिना भेदभाव के भाई से भाई गले मिला करता था। मेरा वो भारत ना जाने कहां खो गया ? जहां किसानों की लहलहाती फसले देश का गौरव कहलाती थी।

Wednesday, 11 April 2018

मेरा देश बदल रहा है

आज मेरा पुराना भारत ना जाने कहां खो गया, जहां हर वर्ग भाई भाई की तरह रहता था। आज जब मैं खबरें पढ़ता हूं तो लगता है कि मेरा देश सच में बदल रहा हैं, मेरा देश बदल रहा है यह शब्द में इस लिए लिख रहा हूं क्योंकि आज भाई भाई को मारने पर उतारू है।

मेरा भारत गरीबी से जूझ रहा है मेरा भारत बदल रहा है मेरे भारत के हाथ आज खून से रंग रहे है, हर तरफ आग जल रही है हर तरफ खून बिखरा हुआ है। पढ़ने लिखने के बाद भी युवा बेरोजगार है और ना पढ़ने वाले पैसा देकर नौकरी ले रहे है मेरा देश बदल रहा है।

बेटियां घर से निकलती है तो उनके घर पर सही सलामत पहुंचने की कोई पक्की गारंटी नहीं होती, देश का किसान फसल उगा कर भी मारा मारा फिरता है, फसल उगती तो है लेकिन फसलों का सहीं दाम नहीं मिलता, आज वो समय याद आ रहा है जब देश में गरीबी के बाद भी हर वर्ग खुश रहता था, आज सहीं में मेरा देश बदल रहा है।

महान कहलाया जाने वाला मेरा भारत आज बर्बाद हो रहा है जहां तक नजर जाती है वहां जातिवाद फैला है। भाई भाई को मारने को उतारू है, देश को चलाने वाले देश को जला रहे है सही में मेरा देश बदल रहा है।